======
जूनियर वकील: सर क्लाइंट की सबसे बड़ी गलती क्या होती है
सीनियर वकील:घबड़ाना और सच को किस्तों में बताना
=====
जूनियर वकील: सर अच्छा वकील कैसे पहचाने
सीनियर वकील: जो कम बोले लेकिन सही बोले
======
जूनियर वकील: सर बहस और लड़ाई में क्या फर्क है
सीनियर वकील: बहस में आवाज़ नहीं तर्क ऊँचा होता है
======
जूनियर वकील: सर अदालत में ज़्यादा कौन बोलता है
सीनियर वकील: जिसके पास कम सबूत होते हैं
====
जूनियर वकील: सर अक्सर गवाह क्यों घबराते हैं
सीनियर वकील: क्योंकि सच याद नहीं रखना पड़ता लेकिन झूठ याद करना पड़ता है
=====
जूनियर वकील: सर कानून की किताब इतनी मोटी क्यों होती है
सीनियर वकील: क्योंकि इंसानों की गलतियाँ छोटी नहीं होतीं
======
जूनियर वकील: सर समय सबसे बड़ा जज क्यों कहलाता है
सीनियर वकील: क्योंकि उसके फैसले के खिलाफ कोई अपील नहीं होती
=======
जूनियर वकील:सर लोग कानून को अंधा क्यों कहते हैं
सीनियर वकील:क्योंकि बिना सबूत के सहारे ये चल हीं नहीं सकता
=====
जूनियर वकील: लीगल ड्राफ्टिंग का रिव्यू करवाना बहुत जरूरी है ताकि गलती पकड़ी जा सके
सीनियर वकील: रिव्यू जरूरी तो है लेकिन गलती पकड़ने के लिए नहीं बल्कि सुधारने के लिए
====
रावण : हनुमान तुमने लंका में प्रवेश किया और वो भी बिना मेरी अनुमति के कानून के हिसाब से ये अपराध है अपनी आत्म रक्षा में तुम्हे क्या कहना है
हनुमान : रावण तुम तो महा ज्ञानी हो क्या तुम्हें पता नहीं कि सर्च और रेस्क्यू मिशन में इंटरनेशनल कायदे कानून अलग तरीके से काम करते हैं
=====
क्लाइंट:माफ कीजिएगा सर मैने आपसे ऊँची आवाज में बात की
वकील:कोई बात नहीं वो मेेरी फी में इन्क्लूड हो जाएगा
=====
सीनियर वकील:यंग मैन ये फाइलें अकेले क्यों उठा रखी है कोर्ट क्लर्क को बुला लेते
जूनियर वकील: सर कोर्ट क्लर्क का नेटवर्क आपके लिए ऑन रहता है मेरे लिए नहीं
सीनियर वकील:अच्छा और तुमने सोचा कि क्लर्क नहीं आएगा तो कुली बन जाओ
जूनियर वकील: क्या करूँ सर फाइलें समय पर कोर्ट पहुँचना भी तो ज़रूरी है
सीनियर वकील: और तुम्हें क्या लगता है।ये रोज़-रोज़ फाइलें कौन उठाएगा
जूनियर वकील:अभी तो मैं उठा लूँगा सर बाद में देखते हैं कौन करता है
सीनियर वकील:यही समस्या है ये आदत पूरे ऑफिस को पड़ जाएगी कि सारा काम तुम ही करो
जूनियर वकील: तो फिर कोर्ट क्लर्क मेरी बात क्यों नहीं सुनता
सीनियर वकील: क्योंकि उसे पता है कि अगर वो नहीं आया तो तुम खुद ही सब कर दोगे
जूनियर वकील: मतलब गलती उसकी कम मेरी ज़्यादा है
सीनियर वकील: बिल्कुल ज़िंदगी हो या वकालत लोग तुम्हारे कंधों पर उतना ही बोझ रखते हैं जितना उठाने की आदत तुम उन्हें डाल देते हो
जूनियर वकील: लेकिन सर मेहनत तो करनी ही चाहिए ना
सीनियर वकील: मेहनत ज़रूर करो लेकिन खुद को हर काम का डिफॉल्ट आदमी मत बना लो
जूनियर वकील:तो सफल वकील कौन होता है
सीनियर वकील: जो हर फाइल खुद नहीं उठाता बल्कि सही फाइल सही समय पर सही व्यक्ति से उठवाता है
जूनियर वकील :समझ गया सर आज से मैं सिर्फ केस हीं उठाऊँगा फ़ाइलें नहीं
सीनियर वकील:यही समझदारी है कोर्ट में केस दिमाग जीता जाता है कंधे से नहीं
जूनियर वकील : द गोल्डन लाइन इज नो बॉडी कैन डिस्टर्ब यू टील द टाइम यू एलाऊ अदर्स टू डु सो
======
क्लाइंट: वकील साहब, कोर्ट फीस बहुत बढ़ गई है, क्या करें?
वकील: कोर्ट फीस कम कराने की कोशिश कर सकता हूं लेकिन उसकी फीस अलग होगी
======
हे परशुराम! आपने प्रतिज्ञा की थी कि आप क्षत्रियों को शास्त्र का ज्ञान नहीं देंगे, फिर भी आपने भीष्म को शास्त्र का ज्ञान क्यों दिया?"
मेरा प्रण अधर्मी क्षत्रियों के विरुद्ध था ना कि धर्मनिष्ठ क्षत्रियों के विरुद्ध भीष्म धर्मनिष्ठ थे वकील साहब कानून में भी तो एक्सेपसन क्लॉज़ होता है।
======
बुरे वक्त से घबड़ाना कैसा वकील साहब बुरे वक्त की सबसे अच्छी बात ये है कि ये भी स्थायी नहीं होता एक दिन बुरे वक्त को भी गुजर जाना होता है
=======
इससे बड़ी विडंबना क्या हो सकती है वकील साहब एक आदमी खुद को महान साबित करने के लिए पहाड़ पर चढ़ जाता है और पहाड़ को उसकी महानता का पता भी नहीं लगता
========
वकील : मुझे मोक्ष चाहिए .
गुरु : पहले दान दो , स्वर्ग में डिस्काउंट नहीं मिलता .
==========
वकील 1: आजकल अति व्यस्त रहता हूँ, क्या करूँ?
वकील 2: बस अस्त-व्यस्त मत होना, वरना केस अस्त हो जाएगा ।
===========
1.Judge: Your argument is very creative.
2.Lawyer: Thank you, My Lord. The facts left me no other option.
=============
1.Judge: Why are you relying on a judgment that was overruled?
2.Lawyer: Because, My Lord, ruling judgements are overruling my case."
1.Lawyer 1, “Remember those golden days we enjoyed together during student life, before our wives entered in life and repossessed all the gold?”
2.Lawyer 2, “Yes, and thanks to our golden wives, whom we’ve responsibly left them at home, we finally get to relive those ‘golden’ days again.
==========
Bill Vs Pill
1.Patient: Doctor, my lawyer’s bill gives me chest pain. Please give me a Pills which can cure it.
2.Doctor: Then you’re in the wrong clinic , My Pills may fix your heart, not your lawyer’s bill.
==========
No comments:
Post a Comment